नमस्ते, मैं अंकुश हूँ 👋मैं बिज़नेस की मार्केटिंग को एक ग्रोथ सिस्टम में बदलता हूँ।
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लीड → सेलएक जुड़ा हुआ फ़नल
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सेल्स ↔ मार्केटिंगएक फ़ीडबैक लूप
IIM Bangaloreसर्टिफ़ाइड स्ट्रैटेजिस्ट
फ़ाउंडर्स, CEOs और CMOs के ग्रोथ एडवाइज़र
चैनल बिज़नेस नहीं बढ़ाते। सिस्टम बढ़ाते हैं।
परफ़ॉर्मेंस मार्केटिंग, फ़नल, सेल्स हैंडओवर, ऑटोमेशन और AI, सब कुछ स्टेज-दर-स्टेज बनाया हुआ और एक सिस्टम की तरह चलाया हुआ, पहले क्लिक से लेकर दोबारा ख़रीदने वाले ग्राहक तक।
हर हिस्सा ठीक दिखता है। फिर भी बिज़नेस नहीं बढ़ रहा।
ये उस मार्केटिंग के संकेत हैं जो अलग-अलग टुकड़ों में चल रही है। इलाज ज़्यादा बजट या नई एजेंसी नहीं होता। इलाज है इन टुकड़ों को जोड़ना।
01
ख़र्च बढ़ रहा है, और हर ग्राहक की लागत भी।
02
ऐड पर क्लिक आते हैं, पर वेबसाइट उन्हें ग्राहक नहीं बना पाती।
03
लीड्स आती हैं, पर सेल्स उन्हें बेकार बताती है।
04
ग्राहक एक बार ख़रीदते हैं, और फिर कभी नहीं लौटते।
05
टीम व्यस्त है, पर पूरे नंबर की ज़िम्मेदारी किसी की नहीं।
06
हर एजेंसी अच्छे नंबर दिखाती है, और रेवेन्यू वहीं का वहीं।
“हर चैनल सिर्फ़ अपना काम कर सकता है। ग्रोथ इससे आती है कि ये सारे काम कैसे जुड़ते हैं: आप किस तक पहुँचते हैं, क्या कहते हैं, सेल्स कितनी जल्दी फ़ॉलो-अप करती है, और ग्राहक लौटते हैं या नहीं।”
ऑडियंस
मैसेज
लीड
सेल
दोबारा आने वाला रेवेन्यू
Ankush Bag
इनमें से कोई पहचाना? 2 मिनट का लीक चेक करें और देखें कि आपके सिस्टम का कौन-सा हिस्सा सबसे पहले लीक हो रहा है।
समस्या
हर बिज़नेस लीक होता है, अपनी अलग जगह पर।
आपका डैशबोर्ड ऐड्स को ट्रैक करता है और लीड पर आकर रुक जाता है। बाक़ी सिस्टम, यानी कॉल, फ़ॉलो-अप, "इंटरेस्टेड नहीं", दूसरा ऑर्डर, यहीं सबसे ज़्यादा ग्रोथ खोती है। हर बिज़नेस में यह अलग दिखता है, और ज़्यादातर कंपनियों में इसकी ज़िम्मेदारी किसी की नहीं होती।
और देखने के लिए स्वाइप करें
रियल एस्टेट · लीड → प्रीसेल्स → साइट विज़िट → बुकिंगमार्केटिंग कहती है लीड्स अच्छी हैं। सेल्स कहती है बेकार हैं। कोई कुछ साबित नहीं कर पाता।
₹1 करोड़+ की यूनिट पर एक अनसुनी लीड का मतलब एक खोई हुई बुकिंग हो सकता है। ज़्यादातर टीमें बता भी नहीं पातीं कि वह किस कैंपेन से आई थी।
असल में हो क्या रहा है: मार्केटिंग लीड्स आगे भेज देती है और फिर कोई ख़बर नहीं आती। प्रीसेल्स शीट से कॉल करती है, RNR, इंटरेस्टेड नहीं या बजट मिसमैच लिख देती है, और ये रिमार्क्स कैंपेन तक कभी नहीं पहुँचते। इसलिए टारगेटिंग कभी सीखती नहीं: ₹4 करोड़ का प्रोजेक्ट उसी ऑडियंस तक पहुँचता रहता है जिस तक ₹60 लाख वाला, और दोनों टीमें एक-दूसरे को दोष देती हैं।
मरीज़ सर्च करता है। फ़ैसला परिवार करता है। आपके ऐड्स सिर्फ़ एक से बात करते हैं।
असल में हो क्या रहा है: पैसा प्रोसीजर में है, जिसका फ़ैसला परिवार पहली कॉल के हफ़्तों बाद करता है, और ज़्यादातर एन्क्वायरी कॉल सेंटर में ही चुपचाप ख़त्म हो जाती हैं। ऐड्स को कॉल्स पर आँका जाता है, जो इस सफ़र का सबसे सस्ता हिस्सा है।
एजुकेशन · लीड → काउंसलिंग → एडमिशनसाल का आधा बजट एडमिशन सीज़न के आठ हफ़्तों में जल जाता है।
पीक सीज़न में ख़रीदी लीड्स सबसे महँगी होती हैं, और उन्हें सबसे आख़िर में कॉल किया जाता है।
असल में हो क्या रहा है: पीक क़ीमत पर ख़रीदी लीड्स ऐसे काउंसलर्स के पास पहुँचती हैं जो सबको समय पर कॉल नहीं कर पाते, और फ़ैसला स्टूडेंट नहीं, पैरेंट करते हैं। ऑफ़-सीज़न में ख़र्च ठीक तब रुक जाता है जब लीड्स को गर्म करना सबसे सस्ता होता है।
D2C · पहला ऑर्डर → दोबारा ऑर्डरहर नया ग्राहक पहले ऑर्डर पर घाटा देता है।
रिटर्न और डिस्काउंट के बाद 3x ROAS में भी सिर्फ़ 5% मार्जिन बच सकता है।
असल में हो क्या रहा है: मुनाफ़ा दूसरे या तीसरे ऑर्डर पर आता है, फिर भी ज़्यादातर बजट पहले ऑर्डर में जाता है और ग्राहकों को वापस लाने पर लगभग कुछ नहीं। फिर कैश-ऑन-डिलीवरी रिटर्न बचा-खुचा भी ले जाते हैं।
B2B टेक · लीड → मीटिंग → डीलमार्केटिंग ने लीड टारगेट पूरा कर लिया। सेल्स कहती है पाइपलाइन ख़ाली है।
डील में तीन से अठारह महीने लगते हैं। क्लिक्स उस इंतज़ार का ख़र्च नहीं उठाते।
असल में हो क्या रहा है: फ़ॉर्म भरने वाला शायद ही कभी साइन करने वाला होता है, और डील एक तिमाही से लंबी चलती हैं, इसलिए मार्केटिंग को उसके नतीजे आने से पहले ही आँक लिया जाता है।
फ़र्क़
एजेंसियाँ चैनल चलाती हैं। सेल्स कॉल्स संभालती है। पर पूरा सिस्टम कोई नहीं चलाता। मैं आपका सिस्टम स्टेज-दर-स्टेज मैप करता हूँ, पहले क्लिक से दोबारा ऑर्डर तक, सबसे ज़्यादा लीक होने वाली स्टेज पहले ठीक करता हूँ, और बाक़ी सबको एक ऐसे सिस्टम में जोड़ता हूँ जिसे आपकी टीम चला सके।
7साल ग्रोथ रोल्स में, इन-हाउस और एजेंसी दोनों तरफ़
30+ब्रैंड्स और बिज़नेस के साथ काम
15लोगों की मार्केटिंग टीम, जो मैंने बनाई और चलाई
20+रियल एस्टेट डेवलपर्स के ऐड अकाउंट Google, Meta और Taboola पर चलाए
मेरा तरीक़ा · लीक मैप
पहले जाँच। फिर निर्माण।
मैं इसे लीक मैप कहता हूँ: आपका ग्रोथ सिस्टम पाँच स्टेज में, ऐड से लेकर दोबारा ख़रीदने वाले ग्राहक तक। मैं हर स्टेज को आपके अपने डेटा से जाँचता हूँ, सबसे कमज़ोर ढूँढता हूँ, और उसे पहले ठीक करता हूँ। किसी के ज़्यादा बजट माँगने से पहले।
पाइपलाइन/लीक मॉनिटर5 लीक खुले2 लीक खुलेपिछले 30 दिन
लीक सिमुलेशन
100 लीड्स कहाँ जाती हैं
सुधार देखें →
आने वाली लीड्स100वही बजट
रास्ते में खोईं81हर स्टेज पर लीक81 से घटकर
दोबारा ख़रीदने वाले ग्राहक19हर 100 लीड्स में से3 गुना, 19 से बढ़कर
खुले लीक5स्टेज जहाँ ख़रीदार छूट रहे हैंजिन पर काम चल रहा है
स्टेजफ़्लोबचींखोईंस्थिति
आने वाली लीड्स
100ट्रैक्डट्रैक्ड
टारगेटिंगऐड्स उन तक पहुँचते हैं जो ख़रीद नहीं सकते
68−32लीक हो रहासुधरा
क्वालिफ़िकेशनऐसी लीड्स जो कभी ख़रीदना ही नहीं चाहती थीं
48−20लीक हो रहासुधरा
स्पीड और शो-अपबहुत देर से कॉल, लीड ठंडी पड़ चुकी
34−14लीक हो रहाठीक हुआ
कन्वर्ज़नअच्छी लीड्स ख़रीदने से पहले छूट जाती हैं
27−7नज़र रखेंठीक हुआ
एक्सपैंशनग्राहक जो कभी लौटकर नहीं आते
19−8नज़र रखेंठीक हुआ
एक आम लीक होते फ़नल के उदाहरण वाले नंबर। यह क्लाइंट डेटा नहीं है।
पाँचों लीक देखने के लिए स्वाइप करें
01
टारगेटिंग
क्या ऐड्स उन लोगों तक पहुँच रहे हैं जो सच में ख़रीद सकते हैं?
पैमाना: बजट का कितना हिस्सा असली ख़रीदारों तक पहुँचता है
02
क्वालिफ़िकेशन
इनमें से कितनी लीड्स सच में ख़रीदना चाहती हैं?
पैमाना: क्वालिफ़ाइड लीड रेट
03
स्पीड और शो-अप
कितनी लीड्स किसी के कॉल करने से पहले ही ठंडी पड़ जाती हैं?
पैमाना: पहली कॉल तक का समय, शो-अप रेट
04
कन्वर्ज़न
अच्छी लीड्स ख़रीदने से पहले कहाँ छूट जाती हैं?
पैमाना: प्रति ग्राहक लागत
05
एक्सपैंशन
क्या ग्राहक लौटते हैं, और ख़रीदते हैं या दूसरों को भेजते हैं?
पैमाना: रिपीट, अपसेल और रेफ़रल रेवेन्यू
जाँच के बाद सुधार चार क़दमों में होता है
1रणनीति
सबसे ज़्यादा लीक होने वाली स्टेज पहले: किसे टारगेट करना है, क्या कहना है, बजट कहाँ लगेगा।
लीड के बाद क्या होता है, सोर्स के हिसाब से ट्रैक करना: क्वालिफ़ाइड लीड्स, विज़िट, सेल्स, प्रति ग्राहक लागत।
4बढ़ाना
जो साबित हो गया उस पर ज़्यादा बजट, जो नहीं हुआ उसे बंद, और हर साइकल में यही दोहराना।
लीक चेक · 2 मिनट
आपकी लीड्स कहाँ ग़ायब हो जाती हैं?
आपके अपने फ़नल पर सात सवाल। आप देखेंगे कि यह कहाँ लीक हो रहा है और इस हफ़्ते ठीक करने लायक़ एक चीज़, चाहे हम कभी बात करें या नहीं।
अच्छी टीमें कहाँ खड़ी हैं
वेब लीड को पहला जवाब, औसतन
42 घंटे। 23% कंपनियों ने कभी जवाब ही नहीं दिया। एक घंटे के अंदर कॉल करने वाली कंपनियों के लीड को क्वालिफ़ाई करने की संभावना लगभग 7 गुना थी। HBR, 2011
5 मिनट के अंदर संपर्क की गई लीड्स
0.1%, जबकि उस समय में कन्वर्ज़न 8 गुना ज़्यादा होता है। InsideSales, 2021, 5.7M leads
तालमेल पर लीडर्स बनाम टीमें
82% CXO कहते हैं कि सेल्स और मार्केटिंग में तालमेल है। 65% टीमें इससे असहमत हैं। Forrester, 2024
सोमवार को अपनी सेल्स टीम से पूछें
पिछले हफ़्ते की 20 लीड्स दिखाओ, और हर एक के साथ क्या हुआ।
कितनों तक हम पहुँचे ही नहीं, और क्यों?
यहाँ "बेकार" का मतलब क्या है? तीन दिखाओ।
किस सोर्स से सिर्फ़ लीड्स नहीं, विज़िट या मीटिंग मिलीं?
आख़िरी बार किसी सेल्स रिमार्क से कैंपेन कब बदला?
अच्छी लीड ठंडी पड़ जाए तो जवाबदेह कौन है?
सबूत
पाँच बिज़नेस। एक ही पैटर्न।
हर एक में सारे हिस्से अपने-अपने चल रहे थे। नतीजा उन्हें जोड़ने से आया। हर केस में लिखा है कि क्या चल रहा था, मैंने क्या बदला, और कौन-सा हिस्सा मेरा था।
पाँचों केस देखने के लिए स्वाइप करें
एजुकेशन · VisionIAS (Infinity Vision) · इन-हाउस01
+30%कन्वर्ज़न, 20K+ क्वालिटी लीड्स पर
बेहतर स्टूडेंट्स, सिर्फ़ ज़्यादा क्लिक्स नहीं
हालात: हर एजुकेशन ब्रैंड उन्हीं प्लेटफ़ॉर्म्स पर उन्हीं स्टूडेंट्स को ख़रीद रहा था। मैंने क्या बदला: ऐड से एडमिशन तक फ़नल कसा, YouTube को अपनी ऑडियंस का चैनल बनाया, और मैनेजमेंट को लीड्स, प्रति लीड लागत और कन्वर्ज़न का एक ही व्यू दिया।
दायरा: इन-हाउस टीम, जो मैंने बनाई और चलाईऐड-से-एडमिशन डैशबोर्ड
हेल्थकेयर और एंटरप्राइज़ · WeAddo · एजेंसी02
+55%ऑर्गेनिक ट्रैफ़िक, जिससे 30% ज़्यादा लीड्स आईं
बड़े ब्रैंड, बिखरी हुई मार्केटिंग
हालात: Max Group, Kauvery Hospital, Sakra और EY के लिए SEO, पेड मीडिया और सोशल अलग-अलग चल रहे थे। मैंने क्या बदला: AI की मदद से प्रोग्रामैटिक SEO सिस्टम बनाया और सारे चैनल एक प्लान में लाए, जिसकी समीक्षा क्लाइंट लीडरशिप के साथ होती थी।
+20% एजेंसी क्लाइंट रिटेंशनदायरा: एजेंसी की तरफ़ से, टीम लीड
D2C · Arch Innovations · एजेंसी03
+120%D2C रेवेन्यू ग्रोथ
चैनल जो आपस में जुड़ नहीं रहे थे
हालात: हर ब्रैंड ऐड्स, SEO और सोशल अलग-अलग चला रहा था। मैंने क्या बदला: हर ब्रैंड की मार्केटिंग एक फ़नल की तरह प्लान की, नए ग्राहकों तक पहुँचने के लिए गो-टू-मार्केट और एफ़िलिएट प्लान के साथ।
+60% ऑर्गेनिक ट्रैफ़िक+45% रीच
रियल एस्टेट · Aurum Analytica · एजेंसी04
+25%क्वालिफ़ाइड लीड्स
लीड्स बहुत, ख़रीदार बहुत कम
हालात: डेवलपर्स लीड्स की संख्या के लिए पैसे दे रहे थे। मैंने क्या बदला: ऑप्टिमाइज़ेशन को लीड्स की गिनती से हटाकर लीड्स की क्वालिटी पर लाया, और AI से कहीं ज़्यादा ऑडियंस, कॉपी और क्रिएटिव टेस्ट किए।
Google · Meta · Taboola
B2B टेक · Unistal Systems · इन-हाउस05
+40%डिसीज़न मेकर्स से लीड्स
साइन करने वालों तक पहुँचना
हालात: गिने-चुने ख़रीदार, लंबे सेल्स साइकल, और ऐसे डिसीज़न मेकर्स जो शायद ही कभी फ़ॉर्म भरते हैं। मैंने क्या बदला: OEMs, CISOs और CTOs को सीधे टारगेट किया, और प्रोडक्ट लॉन्च के आसपास मल्टी-चैनल कैंपेन चलाए।
+20% कन्वर्ज़न रेटलॉन्च पर Amazon ऐड कॉस्ट ऑफ़ सेल्स −15%
इनमें से कोई भी नतीजा सिर्फ़ मेरा नहीं था, और ऐसा दावा भी नहीं किया गया है। इन टीमों से रेफ़रेंस माँगने पर मिल सकते हैं।
क्या बनाना है और किस क्रम में, यह सलाह मैं देता हूँ, और फिर मेरी टीम और मैं उसे बनाते हैं। हर हिस्सा उसी एक सिस्टम से जुड़ता है, इसलिए कुछ भी अकेले में ऑप्टिमाइज़ नहीं होता। पहले ऑडिट से लेकर लाइव कैंपेन तक, आप सीधे मुझसे बात करते हैं।
सलाहसोच: क्या बनाना है, और किस क्रम में।
ग्रोथ स्ट्रैटेजी और फ़नल आर्किटेक्चर
आपके फ़नल की स्टेज, हर स्टेज पर क्या मापना है, और सबसे ज़्यादा लीक होने वाली स्टेज के लिए 90 दिन का प्लान।
परफ़ॉर्मेंस मार्केटिंग
Google, Meta और Taboola उन ग्राहकों के लिए चलाए जाते हैं जो आपकी सेल्स टीम चाहती है, सस्ते क्लिक्स के लिए नहीं।
SEO आर्किटेक्चर और AI सर्च
टेक्निकल SEO, कंटेंट और प्रोग्रामैटिक पेज, साथ में AI जवाबों में दिखना।
लीड क्वालिटी और सेल्स हैंडओवर
हर लीड पर सेल्स का टैग, और वह फ़ीडबैक सीधे कैंपेन में वापस।
ईमेल, WhatsApp और रिटेंशन
वेलकम, छोड़ा हुआ कार्ट, फ़ॉलो-अप और विन-बैक फ़्लो, जो ग्राहकों को वापस लाते हैं।
AI ऑटोमेशन
लीड रूटिंग, रिपोर्टिंग और कंटेंट पाइपलाइन ऑटोमेट, ताकि टीम का समय फ़ैसलों पर लगे।
रेप्युटेशन (ORM)
रिव्यू, रेटिंग, और आपका नाम सर्च करने पर लोगों को क्या दिखता है।
निर्माणकाम: मेरी टीम और मैं इसे बनाते और चलाते हैं।
क्रिएटिव, AI ऐड्स और वीडियो
आइडिया, हुक, स्क्रिप्ट, AI वीडियो और स्टैटिक्स, जल्दी बने और असली ग्राहकों पर टेस्ट हुए।
लैंडिंग पेज और वेबसाइट
ऐसे पेज जो उस ट्रैफ़िक को ग्राहक बनाएँ जिसके लिए आप पहले से पैसे दे रहे हैं।
सोशल मीडिया
कंटेंट और कम्युनिटी, ऐड्स वाले उसी प्लान पर।
ट्रैकिंग और इंटीग्रेशन
पिक्सल, CRM, फ़ॉर्म और डैशबोर्ड जुड़े हुए, ताकि हर हिस्सा एक ही नंबर पर रिपोर्ट करे।
बिज़नेस के साथ स्टेज बदलती हैं। अस्पताल कॉल सेंटर पर मरीज़ खोता है, D2C ब्रैंड पहले ऑर्डर के बाद पैसा खोता है, कोचिंग इंस्टिट्यूट अपना सीज़न खोता है। अपना चुनें।
अस्पताल · स्पेशलिटी क्लिनिक · डॉक्टर
मरीज़ सर्च करते हैं। फ़ैसला परिवार करता है। आपकी मार्केटिंग को दोनों तक पहुँचना होगा।
पाइपलाइनसबसे बड़ा लीक यहाँ
सर्च→एन्क्वायरी→OPD→प्रोसीजर→रिव्यू
काम किया: WeAddo में Max Group, Kauvery Hospital और Sakra के साथ (एजेंसी की तरफ़ से, टीम लीड), जहाँ SEO, पेड और सोशल एक प्लान में लाए गए: इन अकाउंट्स में +55% ऑर्गेनिक ट्रैफ़िक और 30% ज़्यादा लीड्स।
Meta और Google पर क्रिएटिव टेस्टिंग: एंगल, हुक और फ़ॉर्मेट, जिन्हें सिर्फ़ ROAS नहीं, मुनाफ़े पर आँका जाए
प्रोडक्ट पेज और ऑफ़र जो कन्वर्ज़न और ऑर्डर वैल्यू बढ़ाएँ
COD और RTO कंट्रोल: ऑर्डर कन्फ़र्मेशन, प्रीपेड के लिए प्रेरणा, पिन-कोड नियम
ईमेल और WhatsApp फ़्लो: छोड़ा हुआ कार्ट, ख़रीद के बाद, विन-बैक
SEO और कंटेंट, ताकि हर क्लिक का पैसा दिए बिना सर्च से ख़रीदार आएँ
कोचिंग · स्कूल · एडटेक
एडमिशन आठ हफ़्तों के सीज़न में जीते जाते हैं, और फ़ैसला पैरेंट्स करते हैं।
पाइपलाइनसबसे बड़ा लीक यहाँ
ऐड→लीड→काउंसलिंग→डेमो या विज़िट→एडमिशन
काम किया: VisionIAS (Infinity Vision), इन-हाउस, 15 लोगों की टीम के साथ जो मैंने बनाई और चलाई: 20,000+ क्वालिटी लीड्स पर +30% कन्वर्ज़न, और YouTube 5,000 से 50,000 सब्सक्राइबर्स तक।
सीज़न प्लानिंग: ऑफ़-सीज़न में ऑडियंस तैयार करना, जब लीड्स सबसे सस्ती हों
काउंसलर तक स्पीड: पीक सीज़न में लीड्स को दिनों में नहीं, मिनटों में कॉल
स्टूडेंट्स के साथ पैरेंट्स के लिए भी कंटेंट: फ़ीस, रिज़ल्ट, सुरक्षा, नतीजे
YouTube और अपनी ऑडियंस, ताकि हर लीड ख़रीदनी न पड़े
भारत और विदेश में एडमिशन फ़नल कैसे चलते हैं, और किससे क्या सीखें
डेवलपर्स · चैनल पार्टनर्स
₹4 करोड़ का प्रोजेक्ट उसी ऑडियंस पर नहीं चल सकता जिस पर ₹60 लाख वाला।
पाइपलाइनसबसे बड़ा लीक यहाँ
ऐड→लीड→प्रीसेल्स कॉल→साइट विज़िट→बुकिंग
काम किया: Google, Meta और Taboola पर 20+ डेवलपर ऐड अकाउंट। Aurum Analytica (एजेंसी) में ऑप्टिमाइज़ेशन लीड्स की गिनती से हटाकर क्वालिटी पर लाया: +25% क्वालिफ़ाइड लीड्स।
डिसीज़न मेकर्स को सीधे टारगेट करना: CTOs, CISOs और OEMs, एक-एक अकाउंट
LinkedIn, सर्च, ईमेल और पार्टनर्स पर लॉन्च कैंपेन
लीड स्कोरिंग और मार्केटिंग-सेल्स के बीच साफ़ हैंडओवर समझौता
रिपोर्टिंग पाइपलाइन और डील्स पर, सिर्फ़ मार्केटिंग-क्वालिफ़ाइड लीड्स पर नहीं
सिस्टम का हिस्सा · क्रिएटिव और AI
ऐड तय करता है कि आपको कौन कॉल करेगा।
दो कंपनियाँ एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर बराबर ख़र्च करके बिलकुल अलग लीड्स पा सकती हैं। अक्सर वजह ऐड होता है। जब किसी कैटेगरी में सब एक जैसा ऐड बस अलग लोगो के साथ चलाते हैं, तो सबको वही लोग मिलते हैं जो गंभीर नहीं हैं। मेरी टीम और मैं AI से ज़्यादा आइडिया, ज़्यादा तेज़ी से बनाते और टेस्ट करते हैं, और कौन-सा आइडिया बढ़ाने लायक़ है, यह फ़ैसला हम ख़ुद लेते हैं।
ऐड टेस्ट3 एंगल चल रहे हैं
एंगल लैबकोई बिज़नेस चुनें। देखें कि मैं उसके ऐड्स के बारे में कैसे सोचूँगा।
विजेताटेस्टिंगकतार मेंअनदेखा पलसर्जरी का सबसे डरावना हिस्सा उससे पहले की रात होती है। देखिए, हमारे यहाँ वह रात कैसी होती है।🎬 AI एक्सप्लेनर वीडियो
विजेताटेस्टिंगकतार मेंवादा नहीं, सबूतआपकी सर्जरी के दिन का हर क़दम, आपके आने से पहले समझाया हुआ।🎥 मरीज़ के सफ़र का एक्सप्लेनर
विजेताटेस्टिंगकतार मेंअसली फ़ैसला लेने वालाआपके पिताजी नहीं पूछेंगे। इसलिए यह रहा वह सब कुछ जो वे जानना चाहेंगे।🖼️ परिवार के लिए कैरोसेल
ये सोच दिखाने के लिए सैंपल एंगल हैं, क्लाइंट कैंपेन नहीं। हेल्थकेयर एंगल ASCI और मेडिकल काउंसिल के विज्ञापन नियमों के अंदर लिखे गए हैं।
क्रिएटिव ब्रीफ़आइडिया से स्केल तक
कॉन्सेप्चुअल कैंपेन, हुक और स्क्रिप्ट
एक ही ऐड के 40 वर्शन की जगह, असली ग्राहक की समझ से बना एक ठोस आइडिया। बेहतर आइडिया वे लोग लाते हैं जिन्हें सच में दिलचस्पी है।
इनसाइट→एंगल→AI प्रोडक्शन→टेस्ट→बढ़ाना
सैंपल हुक
कोचिंग“एस्पिरेंट्स ज्ञान की कमी से फ़ेल नहीं होते। रिवीज़न की कमी से होते हैं।”
रियल एस्टेट“हर एक्स्ट्रा चार्ज, आपके पूछने से पहले लिखा हुआ।”
अस्पताल“सर्जरी का सबसे डरावना हिस्सा उससे पहले की रात होती है।”
D2C स्किनकेयर“10 स्टेप वाला रूटीन नहीं। बस 3 चीज़ें जो काम करती हैं।”
रेंडर कतार3 बन रहे हैं
AI वीडियो और क्रिएटिव
AI से बनी प्रोडक्ट फ़िल्में, UGC-स्टाइल वीडियो, स्टैटिक्स और कैरोसेल, ताकि टेस्टिंग की सीमा आइडिया हों, प्रोडक्शन बजट नहीं।
🎬प्रोडक्ट फ़िल्म · 9:16
📱UGC हुक, v3
🖼️कैरोसेल · 5 स्लाइड
टेस्ट मैट्रिक्स1 विजेता मिला
क्रिएटिव टेस्टिंग सिस्टम
एंगल, हुक और फ़ॉर्मेट एक साफ़ मैट्रिक्स में टेस्ट, और क्लिक-थ्रू रेट पर नहीं, क्वालिफ़ाइड लीड्स और ग्राहकों पर आँके गए।
हुक Aहुक Bहुक Cएंगल 1एंगल 2विजेताएंगल 3
ऑटोमेशनचल रहा है
AI सिस्टम और SEO ऑटोमेशन
रिसर्च, ब्रीफ़, रिपोर्टिंग और हाई-इंटेंट सर्च के लिए प्रोग्रामैटिक पेज, AI से बने और इंसानों से एडिट हुए। काम सस्ता होता है; क्या बनाना है, यह फ़ैसला इंसान का रहता है।
सालों तक मैंने चैनल ख़ुद चलाए: Google, Meta, SEO, कंटेंट। हर हफ़्ते रिपोर्ट्स के साथ बैठता था। और सच कहूँ तो वे लगभग हमेशा अच्छी दिखती थीं। क्लिक्स ऊपर, प्रति लीड लागत नीचे, लीड्स आ रही हैं।
यहीं से कुछ खटकने लगा। अगर हर रिपोर्ट इतनी अच्छी है, तो बिज़नेस उसी रफ़्तार से क्यों नहीं बढ़ रहा?
जवाब शायद ही कभी ऐड्स में था। जवाब उसमें था जो ऐड्स के बाद होता था। मार्केटिंग लीड्स आगे भेज देती है और फिर कोई ख़बर नहीं आती। सेल्स कुछ को कॉल करती है, बाक़ी पर "इंटरेस्टेड नहीं" या "बेकार" लिख देती है, और यह सब कभी मार्केटिंग तक नहीं पहुँचता। इसलिए वही कैंपेन उन्हीं ग़लत लोगों पर चलते रहते हैं। और फ़ाउंडर हर महीने उसी बहस के बीच फँसा रहता है: सेल्स कहती है लीड्स बेकार हैं, मार्केटिंग कहती है सेल्स क्लोज़ नहीं कर पाती।
2019 से मैंने यह बार-बार देखा है, रियल एस्टेट, हेल्थकेयर, एजुकेशन, D2C और B2B टेकमें। ज़्यादातर उन मिड-साइज़ कंपनियों में जो तेज़ी से बढ़ीं और दोनों टीमों के बीच कड़ी कभी बनाई ही नहीं।
अब मैं इसी कमी पर काम करता हूँ। मैंने चैनलों को एक-एक करके देखना छोड़ा और अपनी टीम के साथ उनके चारों ओर सिस्टम बनाना शुरू किया: हर कैंपेन किस तक पहुँचे, सेल्स हर लीड के साथ क्या करे, वह फ़ीडबैक सीधे मार्केटिंग में कैसे लौटे, और ग्राहकों को वापस क्या लाए।
मेरी टीम और मैं हर दिन AI इस्तेमाल करते हैं: रिसर्च, क्रिएटिव, कंटेंट, SEO, रिपोर्टिंग, और बहुत कुछ। पर बात यह है। आपके मार्केट की हर कंपनी के पास, छोटी हो या बड़ी, अब वही टूल्स हैं। इसलिए टूल अब बढ़त नहीं रहा। बढ़त है उसे पहले इस्तेमाल करना, और बचे हुए समय को उस काम में लगाना जो AI नहीं कर सकता: आपके ग्राहकों, आपके फ़नल और आपके नंबरों को गहराई से समझना, और स्ट्रैटेजी सही करना।
अगर आपकी रिपोर्ट्स ठीक दिखती हैं पर ग्रोथ नहीं, तो अक्सर कमी यहीं होती है। चलिए बात करते हैं।
University of Marylandडिजिटल मार्केटिंग एनालिटिक्स
साथ काम
साथ काम करने के दो तरीक़े।
शुरुआत 20 मिनट की फ़िट कॉल से होती है। अगर सच में कोई सवाल हल करना है, तो हम डायग्नोस्टिक से शुरू करते हैं। फ़्रैक्शनल लीडरशिप तभी, जब डायग्नोसिस कहे कि ज़रूरत है।
ग्रोथ डायग्नोसिससुझाव तैयार
आज आप कहाँ हैं?हर महीने का मार्केटिंग ख़र्च
पता करें आपका फ़नल कहाँ टूट रहा है।
इस साइज़ पर समस्या अक्सर लीड क्वालिटी या फ़ॉलो-अप की स्पीड होती है, ख़ुद ऐड्स नहीं। डायग्नोस्टिक ठीक-ठीक बताता है कि कौन-सी स्टेज।
सबसे अच्छी शुरुआत: लीड-टू-रेवेन्यू डायग्नोस्टिक
यहीं से शुरू करें · तय फ़ीस · 10 दिन
लीड-टू-रेवेन्यू डायग्नोस्टिक
उन फ़ाउंडर्स के लिए जो ख़र्च और लीड्स तो देख पाते हैं, पर यह नहीं कि उसके बाद उनका क्या होता है।
लीक मैप: लीड्स कहाँ ग्राहक बनना बंद कर देती हैं
हर स्टेज कहाँ अच्छी लीड्स खो रही है
मेज़रमेंट ऑडिट: किन नंबरों पर भरोसा करें
चैनल का फ़ैसला: क्या बढ़ाना है, क्या सुधारना है, क्या बंद करना है
असर के हिसाब से क्रम में 90 दिन का प्लान
किसकी क्या ज़िम्मेदारी: आपकी टीम, आपकी एजेंसियाँ, आप
मैं क्या नहीं करूँगा: आपके ऐड अकाउंट पर रेवेन्यू का वादा, लंबे रिटेनर में बाँधना, या उतने क्लाइंट लेना जितने मैं ठीक से न संभाल सकूँ। डायग्नोस्टिक का वादा है: स्पष्टता, प्राथमिकताएँ और ज़िम्मेदार लोग।
FAQ
बात करने से पहले।
शुरू करने से पहले फ़ाउंडर्स अक्सर मुझसे यह पूछते हैं।
क्या यह हमारे लिए है?
आप आमतौर पर किसके साथ काम करते हैं?
ग्रोथ-स्टेज कंपनियों के फ़ाउंडर्स, CEOs और CMOs, जो आमतौर पर हर महीने ₹5 लाख या उससे ज़्यादा मार्केटिंग पर ख़र्च करते हैं। पैटर्न जाना-पहचाना है: लीड्स आ रही हैं, रिपोर्ट्स ठीक दिखती हैं, पर उनमें से काफ़ी ग्राहक नहीं बनतीं, और चैनल, एजेंसी और सेल्स में पूरे नंबर की ज़िम्मेदारी किसी की नहीं। अगर आपको सिर्फ़ सस्ते में ऐड चलाने वाला चाहिए, तो एजेंसी बेहतर रहेगी।
"ग्रोथ सिस्टम" से आपका क्या मतलब है?
पहले ऐड से लेकर दोबारा ख़रीदने वाले ग्राहक तक सब कुछ, एक चीज़ की तरह चलाना: आप किसे टारगेट करते हैं, ऐड क्या कहते हैं, लीड्स कैसे टैग और फ़ॉलो-अप होती हैं, सेल्स क्या वापस भेजती है, यह सब कैसे मापा जाता है, और ग्राहकों को वापस क्या लाता है। ज़्यादातर कंपनियों के पास ये सारे हिस्से होते हैं, अलग-अलग लोगों और एजेंसियों के हाथ में, हर एक अपने अलग नंबर पर आँका जाता है। मैं इन्हें जोड़ता हूँ, एक ज़रूरी नंबर पर मापता हूँ, जैसे प्रति ग्राहक लागत, और जिन हिस्सों को इंसान की ज़रूरत नहीं, उन्हें ऑटोमेट करता हूँ।
हमारी लीडरशिप कहती है सेल्स और मार्केटिंग में तालमेल है। क्या फिर भी हमें इसकी ज़रूरत है?
शायद नहीं, पर जाँच लेना ठीक है। Forrester की 2024 की रिसर्च में 82% CXOs ने कहा कि उनकी सेल्स और मार्केटिंग में तालमेल है, और उन्हीं टीमों के 65% लोग इससे असहमत थे। ऊपर से सब ठीक दिखता है, क्योंकि हर टीम की रिपोर्ट ठीक दिखती है। 2 मिनट का लीक चेक बताता है कि आपका अपना फ़नल कहाँ खड़ा है।
फ़िट कॉल में क्या होता है?
20 मिनट। आप अपना ग्रोथ टारगेट, हर महीने का ख़र्च और कहाँ अटका लगता है, यह लेकर आते हैं। मैं पूछूँगा कि आपके बिज़नेस में लीड असल में ग्राहक कैसे बनती है, और कॉल पर ही बता दूँगा कि डायग्नोस्टिक का मतलब बनता है या नहीं। अगर मुझे लगे कि मैं मदद नहीं कर सकता, तो साफ़ कह दूँगा।
फ़ुल-टाइम हेड ऑफ़ ग्रोथ क्यों न रखें?
हो सकता है आपको चाहिए। पर हायर तब करें जब पता हो कि उस रोल को क्या ठीक करना है। सीनियर ग्रोथ हायर आपकी सबसे महँगी हायरिंग में से एक होती है। डायग्नोस्टिक और कुछ समय का फ़्रैक्शनल काम ठीक-ठीक तय कर देता है कि उस व्यक्ति की ज़िम्मेदारी क्या होगी, और ठीक बैठे तो यह रोल स्थायी भी हो सकता है।
क्या आप रिमोट काम करते हैं?
हाँ। मैं दिल्ली NCR में रहता हूँ और ऑन-साइट, हाइब्रिड या रिमोट, जो भी काम के हिसाब से ठीक हो, उस तरह काम करता हूँ।
आपकी टीम के साथ काम
हमारे पास पहले से मार्केटिंग टीम और एजेंसियाँ हैं। आप कहाँ फ़िट होते हैं?
उनके साथ, उनकी जगह नहीं। ज़्यादातर टीमें काम करने में अच्छी होती हैं। अक्सर कमी होती है एक सीनियर व्यक्ति की, जो चैनल, एजेंसी और सेल्स में पूरे नंबर की ज़िम्मेदारी ले, और जिसके पास सिर्फ़ काम निपटाने की जगह जाँचने का समय हो। डायग्नोस्टिक का एक हिस्सा यह तय करना है कि हर टीम और एजेंसी की ज़िम्मेदारी क्या हो, और उन्हें उस नंबर पर जवाबदेह रखना जिसकी बिज़नेस को परवाह है, जैसे प्रति ग्राहक लागत, सिर्फ़ प्रति लीड लागत नहीं।
क्या आप ख़ुद कैंपेन चलाते हैं, या सिर्फ़ सलाह देते हैं?
दोनों, आपकी टीम के हिसाब से। मैंने Google, Meta, Taboola, SEO और क्रिएटिव ख़ुद चलाए हैं, इसलिए जहाँ ज़रूरत हो वहाँ ख़ुद उतर सकता हूँ। बड़ी टीमों में मैं आपके स्पेशलिस्ट और एजेंसियों के ज़रिए काम करता हूँ और स्ट्रैटेजी, बजट के फ़ैसले और मेज़रमेंट की ज़िम्मेदारी लेता हूँ। डायग्नोस्टिक में एनालिसिस, लीक मैप और 90 दिन का प्लान, ये सब मेरे होते हैं।
आपको हमसे क्या चाहिए?
ऐड अकाउंट और एनालिटिक्स का एक्सेस, आपका लीड डेटा या CRM एक्सपोर्ट, और मार्केटिंग के साथ और लीड्स को कॉल करने वालों के साथ एक-एक घंटा। सेल्स का फ़ीडबैक कैंपेन डेटा जितना ही ज़रूरी है, क्योंकि कड़ी अक्सर वहीं टूटती है।
नतीजे और जोखिम
आपका कौन-सा मापने लायक़ नतीजा आपको सबसे ज़्यादा गर्व देता है?
VisionIAS के हिस्से Infinity Vision में मैंने 15 लोगों की मार्केटिंग टीम बनाई और चलाई। हम लाए 20,000+ क्वालिटी लीड्स, बढ़ाया कन्वर्ज़न 30%, और YouTube चैनल को 5,000 से 50,000 सब्सक्राइबर्स तक पहुँचाया, एक ऐसी ऑडियंस जो हमारी अपनी थी। मुझे सबसे ज़्यादा गर्व 30% पर है, 20,000 पर नहीं। एजुकेशन में ज़्यादा लीड्स लाना आसान हिस्सा है। उन्हीं लीड्स से ज़्यादा एडमिशन निकालना मुश्किल हिस्सा है, और फ़नल के काम ने यही बदला।
एक महीने में आपने सबसे ज़्यादा कितनी लीड्स लाई हैं?
एक महीने में 2,500 लीड्स। पर मैं आपको पहले यह संख्या नहीं दिखाऊँगा। उन लीड्स में से 42% मार्केटिंग-क्वालिफ़ाइड थीं और 28% सेल्स-क्वालिफ़ाइड बनीं, यानी सेल्स ने उन्हें असली ख़रीदार मानकर उन पर काम किया। बहुत से कैंपेन 2,500 फ़ॉर्म भरवा सकते हैं। बहुत कम ऐसे होते हैं जिनकी इतनी लीड्स को सेल्स सच में कॉल करना चाहे।
क्या आप नतीजों की गारंटी देते हैं?
नहीं। नतीजे प्रोडक्ट, मार्केट, सेल्स प्रोसेस, इकोनॉमिक्स और काम के तरीक़े पर निर्भर करते हैं, किसी एक कंसल्टेंट या एक चैनल पर नहीं। जो कोई आपके ऐड अकाउंट पर रेवेन्यू की गारंटी देता है, वह बस बेच रहा है। मेरा वादा है डायग्नोसिस की क्वालिटी, प्लान की स्पष्टता और काम की रफ़्तार।
हमने पहले भी कंसल्टेंट रखे और बस एक डेक मिला। यह कैसे अलग है?
डायग्नोस्टिक का अंत 90 दिन के ऐसे प्लान से होता है जिसकी हर लाइन के आगे एक ज़िम्मेदार और एक नंबर होता है, और जो इंडस्ट्री बेंचमार्क नहीं, आपके अपने लीड और सेल्स डेटा पर बना होता है। आप चाहें तो फ़्रैक्शनल रोल में मैं आपकी टीम के साथ उसे चलाने के लिए रुकता हूँ। और अगर असली समस्या प्राइसिंग, प्रोडक्ट या सेल्स कैपेसिटी है, तो मैं साफ़ कहूँगा, क्योंकि ज़्यादा मार्केटिंग से वह ठीक नहीं होगी।
डायग्नोस्टिक के बाद क्या होता है?
लीक मैप और 90 दिन का प्लान आपके पास रहता है, और आप उसे अपनी टीम और एजेंसियों के साथ चला सकते हैं। अगर इस दौरान सीनियर ज़िम्मेदारी चाहिए, तो वह फ़्रैक्शनल रोल है। किसी भी तरह कोई बाध्यता नहीं।
केस स्टडी के नतीजे आपके हैं या एजेंसी के?
इन-हाउस और एजेंसी, दोनों तरह का काम दिखाया गया है, और हर केस में लिखा है कि वह इन-हाउस था या एजेंसी का, और मैंने क्या बदला। मैं पूरी टीम के नतीजे को अपना नहीं बताता। रेफ़रेंस माँगने पर मिल सकते हैं।
AI
अब इसका बहुत सारा काम AI कर देता है। फिर किसी इंसान को क्यों रखें?
सही सवाल है, और आपको AI इस्तेमाल करना चाहिए। मेरी टीम और मैं हर दिन करते हैं। पर AI को आप जिस तरफ़ मोड़ें, वह उसी को बहुत तेज़ी से ऑप्टिमाइज़ करता है। किसी को तो तय करना होगा कि निशाना क्या है, और उसके काम करने की ज़िम्मेदारी लेनी होगी। अपने बोर्डरूम में सुना हुआ सवाल चुनें:
Advantage+ और Performance Max हमारे ख़रीदार पहले से ढूँढ लेते हैं।
AI क्या अच्छा करता है
जो सबसे सस्ते में कन्वर्ट हो, उसे ढूँढता है, इतने बड़े पैमाने पर जितना कोई मीडिया बायर नहीं कर सकता।
कहाँ गड़बड़ होती है
सबसे सस्ता, सबसे अच्छा नहीं होता। अगर फ़ॉर्म भरना ही कन्वर्ज़न गिना जाए, तो वह फ़ॉर्म भरने वालों को ढूँढने में माहिर हो जाता है। ₹4 करोड़ का प्रोजेक्ट उन्हीं लोगों के पीछे भागता है जिनके पीछे ₹60 लाख वाला। Haus की 640 इंक्रीमेंटैलिटी टेस्ट की समीक्षा में 58% ब्रैंड्स को अपने ख़ुद सेट किए कैंपेन से बेहतर इंक्रीमेंटल रिटर्न मिला।
मेरी ज़िम्मेदारी
यह तय करना कि अच्छी लीड किसे कहें, और प्लेटफ़ॉर्म को सिर्फ़ वही वापस भेजना, ताकि एल्गोरिदम क्लिक्स से नहीं, ख़रीदारों से सीखे।
स्रोत: Haus इंक्रीमेंटैलिटी एनालिसिस, 2025।
अब हमारे ऐड ChatGPT लिखता है।
AI क्या अच्छा करता है
एक घंटे में एक ऐड के पचास वर्शन, हर फ़ॉर्मेट में।
कहाँ गड़बड़ होती है
वही टूल्स और वही प्रॉम्प्ट, यानी कैटेगरी का हर ब्रैंड एक जैसा सुनाई देने लगता है, और ख़रीदार यह भाँप लेते हैं। 2026 के Harris Poll में 63% उपभोक्ताओं ने कहा कि AI से बने ऐड वाले ब्रैंड्स से ख़रीदने की संभावना उनकी कम है।
मेरी ज़िम्मेदारी
ग्राहक की समझ और एंगल। AI आइडिया बनाता और टेस्ट करता है; पर चुनने वाला उसे नहीं होना चाहिए।
स्रोत: 4As और Infillion के लिए Harris Poll, जून 2026।
हमारे डैशबोर्ड AI पढ़ सकता है।
AI क्या अच्छा करता है
महीने भर का कैंपेन डेटा सेकंडों में समेट देता है।
कहाँ गड़बड़ होती है
वह सिर्फ़ वही पढ़ता है जो आप उसे देते हैं। अगर सेल्स कभी टैग ही नहीं करती कि हर लीड के साथ क्या हुआ, तो एनालिसिस तेज़-तर्रार दिखता है और पूरे भरोसे से ग़लत सवाल का जवाब देता है।
मेरी ज़िम्मेदारी
कैंपेन डेटा को इससे जोड़ना कि सेल्स ने हर लीड के साथ असल में क्या किया, ताकि जो नंबर आप देखते हैं उनका मतलब मार्केटिंग, सेल्स और फ़ाइनेंस के लिए एक ही हो।
किसी को हायर करने से पहले साबित करो कि AI यह नहीं कर सकता।
AI क्या अच्छा करता है
मिनटों में ग्रोथ प्लान का ड्राफ़्ट बना देता है।
कहाँ गड़बड़ होती है
प्लान, फ़ैसला नहीं होता। MIT की 2025 की स्टडी में कंपनियों के लगभग 95% जेन-AI पायलट का P&L पर कोई मापने लायक़ असर नहीं दिखा, और BCG के मुताबिक़ AI की लगभग 70% वैल्यू लोगों और प्रोसेस में है, टूल में नहीं।
मेरी ज़िम्मेदारी
ट्रेड-ऑफ़: पहले क्या ठीक करना है, किस पर पैसा लगाना बंद करना है, किस नंबर की ज़िम्मेदारी किसकी है। और काम न करे तो जवाबदेही।
स्रोत: MIT NANDA, “The GenAI Divide”, अगस्त 2025; BCG, सितंबर 2025।
तो: काम के लिए AI इस्तेमाल करें। निशाना तय करने और उसके नतीजे की ज़िम्मेदारी के लिए मुझे बुलाएँ।
बताइए ग्रोथ कहाँ अटकी लगती है: किन नंबरों पर भरोसा है, किन पर नहीं, और क्या बदला। मैं ईमानदारी से बताऊँगा कि डायग्नोस्टिक करने लायक़ है या नहीं, और जवाब ख़ुद दूँगा।